ना माथे पर शिकन कोई,
ना रूह में कोई भय है,
ना दहशत ही फैली,
ना हिंसा प्रलय है।
हादसा हुआ तो है,
लहू भी बहा मगर,
खबर भी बन जाए,
अभी ना तय है।
माहौल भी नरम है,
अफवाह ना गरम है,
आवाम में अमन है,
कोई रोष ना भरम है।
बिखरा नहीं चमन है,
अभी आँख तो नरम है,
थोड़ी बात तो बढ़ जाए,
थोड़ी आग तो लग जाए,
रहने दो खबर बाकी,
रहने दो असर बाकी।
लोहा जो कुछ गरम हो,
असर तभी चरम हो,
ठहरो कि कुछ पतन हो,
कुछ राख राख वतन हो।
अभी खाक क्या मिलेगा,
खबर में कुछ भी दम हो,
अखबार में आ जाए,
अभी ना समय है,
सही ना समय है।
जो मर गए, सो मर गए,
जो बच गए, वो चुप रहें,
जो पूछते हैं कारण,
उन्हें भी कुछ सब्र रहे।
अभी तो बयान आनी है,
अभी जांच बैठानी है,
अभी कमेटी बननी है,
अभी रिपोर्ट बनानी है।
अभी दोषियों के नाम पर,
कुछ नाम और आएंगे,
अभी कुछ मोहरे चलेंगे,
कुछ मोहरे बचाएंगे।
अभी तो शब्दों की बाजी है,
अभी तो खेल बाकी है,
सच को थोड़ा ठहरने दो,
झूठ की रेल बाकी है।
ना कैमरे में दर्द दिखे,
ना स्क्रीन पर सवाल हो,
जो चीख रहा है रात से,
उसका भी कोई हाल हो?
अभी बहस का मुद्दा नहीं,
अभी चर्चा का दौर है,
किसकी गलती कितनी थी,
इस पर भी विचार और है।
अभी धर्म का चश्मा बाकी,
अभी जाति का रंग बाकी,
अभी मुद्दे कई पुराने,
नए विवादों के संग बाकी।
जो भूख की बात करेगा,
उसे आंकड़े दिखाएंगे,
जो रोजगार पूछ बैठेगा,
उसे सपने समझाएंगे।
जो शिक्षा पर सवाल करे,
उसे इतिहास पढ़ाएंगे,
जो अस्पताल की बात करे,
उसे आस दिखाएंगे।
ना सच बहुत जरूरी है,
ना झूठ का कोई भय है,
जो बिक रहा बाजारों में,
वही आज का तथ्य है।
अभी गुस्सा ना फूटे,
अभी आक्रोश ना जागे,
अभी चुप्पी ही बेहतर है,
अभी होंठ ना भागें।
अभी मशाल मत जलाना,
अभी रात और गहरी है,
अभी राख के नीचे,
कुछ चिंगारी ठहरी है।
अभी राख को कुरेदो मत,
अभी धुआँ उठने दो,
जो सो रहे हैं चैन से,
उन्हें चैन से सोने दो।
मगर याद रखना इतना,
कि खामोशी भी बयान है,
हर सब्र की एक सीमा है,
हर मौन की जुबान है।
हर जख्म की कहानी है,
हर अश्क का हिसाब है,
हर बार दबा दो सच को,
सच अभी तो ख्वाब है।
रहने दो खबर बाकी,
रहने दो असर बाकी,
लोहा अभी गरम कहाँ है,
अभी तो है सफर बाकी।
अभी खाक क्या मिलेगा,
अभी राख में चिंगारी है,
अभी जनता की आँखों में,
थोड़ी नींद भी जारी है।
ना माथे पर शिकन कोई,
ना रूह में कोई भय है,
सब कुछ सामान्य दिखता है,
बस यही सबसे बड़ा व्यंग्य है।
अभी ना समय है...
सही ना समय है...
सही ना समय है!
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