Showing posts with label राय या उपाय. Show all posts
Showing posts with label राय या उपाय. Show all posts

Friday, July 25, 2025

राय या उपाय

ऑफिस में सुबह-सुबह मैनेजर अपनी कॉफी का पहला घूंट लेते हुए,  मैनेजर साहब, भारी आवाज में: "देखिए, ये ऑफिस है, कोई फैशन शो या ‘ड्रेस टू इंप्रेस’ पार्टी नहीं!यहाँ कर्म का प्रदर्शन होना चाहिए, अंग का नही। यहाँ पर योग्यता का पैमाना अंग की गहराई नहीं, बल्कि काम की गहराई हैं!"

पियून रामप्रकाश सबको चाय दे रहा हैं। सारे स्टाफ एक-दूसरे की ओर देखने लगते हैं। कोई चाय का कप हाथ में चुस्की ले रहा है  तो मैडम अपनी स्लीवलेस ड्रेस को फाइल से छुपाने की नाकाम कोशिश करती हैं। 

मैनेजर: "मैं चाहता हूँ कि अब से कोई भी कर्मचारी ऐसा न दिखे जिसे देखकर लगे कि वो सीधे किसी 'रैंप वॉक' से मुड़कर आया है।आप सब पूरे तन से नहीं, पूरे मन से काम करें। और हाँ, तन को पूरी तरह ढक कर आएं, जैसे सालाना अकाउंट्स छुपाए जाते हैं।"

सन्नाटा छा जाता है। धीरे से रेसप्शनिस्ट नीता हाथ उठाती है :"सर, अगर आपको फैन्सी कपड़ों से इतनी ही दिक्कत है, तो क्यों न कंपनी यूनिफॉर्म बनवा दे? सब एक जैसे दिखेंगे, और एक जैसे काम करेंगे... बाहर वालों को भी लगेगा कि हम कोई कॉल सेंटर नहीं, बल्कि एक की कंपनी के स्टाफ हैं और हमारे क्लाएंटो को हमें पहचानने में भी सुविधा हो जायेगी" स्टाफ में कुछ लोग 'वाह नीता!' वाली नज़र से उसे देखते है। 

पियून रामप्रकाश ने भी मौका देखकर चौका मारा: सर यदि ऑटोमैटिक कॉफी वाली मशीन लग जाती तो कंपनी का स्टैंडर्ड भी बढ़ जाता और क्लाएंटो को कॉफी तुरंत सर्व हो जाती। 

मैनेजर ,थोड़ा चौंकते हुए, गला खँखारते हुए:"देखिए , मैंने आप लोगो से राय नहीं मांगी थी, बल्कि अंग प्रदर्शन कम करने का उपाय बताया है और अगले महीने की बारहवीं तारीख से ये इस ऑफिस में लागू हो जायेगा। 

पीछे से पियून रामप्रकाश बड़बड़ाता है – “सर, अगर आप सुझाव नहीं चाहते, तो चाय की जगह नारियल पानी मंगवा लीजिए – कोई आवाज़ भी नहीं निकलेगी, और स्वास्थ्य भी सुधरेगा!”

मैनेजर गला साफ करते हैं, फिर आदेशात्मक स्वर में –“अब से फैशन पर रोक रहेगी। बदन को ढँक कर रखना पड़ेगा।  स्लीव लेस ड्रेस नहीं चलेगी, जिन्हें स्लीव लेस पसंद हैं वो लीव विथाउट पेमेंट पर जा सकते हैं। 

रामप्रकाश बुदबुदाता है, लेकिन इतना ज़ोर से कि सब सुन लें –“सर को लगता है कपड़े ढँक कर काम बढ़ेगा… पर लगता है सर की सोच ढँक गई है, चाय भी पी के नहीं खुल रही।

My Blog List

Followers

Total Pageviews