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Friday, June 19, 2026

पुश अप Vs पेंच

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Lawfer No.3 मुर्दा Vs जिंदा

वकील: जज साहब मुझसे एक डेडली मिस्टेक हो गई।
जज: उसी ने आपके केस को डेड कर दिया और मुर्दे को जिंदा कैसे करूं?
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Lawfer No 2. झूठ Vs लीगली करेक्ट

वकील 1: वकील कभी इलीगल चीजें नहीं छुपाता।
वकील 2: बस उसे लीगली करेक्ट कर देता है।
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Lawfer No 1.  डेट Vs केस

"वकील 1:नो पेन नो गेन ये है मेरा असली फिटनेस मंत्र और आपका?”

वकील 2: नो डेट, नो केस!”
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जज अंधा नहीं होता—
वो बस वही देखता है जो फ़ाइल में है।

 वकील बहस करता है—
ताकि सच थककर बैठ जाए।


जज का धैर्य बहुत बड़ा होता है—
तभी तो सबको बोलने देता है, सुनता किसी को नहीं।


वकील कहता है “My Lord”—
ताकि क्लाइंट भूल जाए, भगवान कोई और है।


6. जज की चुप्पी बहुत भारी होती है—
अक्सर फैसले से ज़्यादा।


7. वकील कानून पढ़ता है—
जज मन।


8. कोर्ट में वकील बोलता है—
जज सोचता है… “अगली तारीख़ दे देते हैं।”


9. वकील सच को घुमाता है—
जज तारीख़।


10. जज का हथौड़ा बजता है—
ताकि तर्क मर जाए।


11. वकील कहता है “precedent है”—
जज कहता है “मूड नहीं है।”


12. कोर्ट में वकील तेज़ होता है—
इंसाफ़ नहीं।


13. जज फैसला लिखता है—
वकील अगली अपील।


24. जीत Vs जिंदा

क्लर्क 1:वकील जीतता नहीं है।
क्लर्क 2:वो केस को ज़िंदा रखता है।

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23. सवाल Vs जवाब

वकील1: जज और वकील में फर्क बस इतना है।
वकील 2: कि जज सवाल पूछता है, वकील टालने के तरीके जानता है।
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22. साफ Vs धुंधला

क्लाइंट1: कानून किताब में साफ़ है।
क्लाइंट: पर वकीलों की मेहरबानी से धुंधला पड़ जाता है।
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21.सच Vs सहारा

वकील: केस मजबूत है।
मुवक्किल: तभी तो इसे कानून का सहारा चाहिए।
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20.महंगा Vs सस्ता

वकील:कोर्ट में झूठ महँगा पड़ता है।
क्लाइंट:सच उससे भी ज़्यादा।

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19.देरी Vs आदत 

जज: आप देर से क्यों आए?
वकील: जजमेंट आने के रफ्तार की आदत डाल रहा हूँ।
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18.अंधा Vs पहचान

क्लाइंट:कानून अंधा है।
वकील:पर झूठ पहचानने में गलती नहीं करता।
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17. फीस Vs जीत

क्लाइंट 1: क्या हम जीत रहे हैं?
क्लाइंट 2: फीस देखकर तो ऐसा हीं लग रहा है।

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16.सच Vs सबूत 

वकील: सच मेरे साथ है।
जज: सबूत भी बुला लेते तो अच्छा होता।
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15.केस Vs फिट

जज: क्या कहना चाहते हैं?
वकील: वही जो केस में फिट हो जाए।
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14.उम्मीद Vs फैसला

मुवक्किल: केस कब खत्म होगा?
वकील: तब तक नहीं जबतक आपकी उम्मीदें जिंदा हैं।
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13. अंधा Vs सबूत

क्लाइंट: कानून अंधा होता है।
वकील: तभी तो सबूत बोलते हैं।
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12.सच Vs फीस

क्लाइंट: सच जीत जाएगा न?
वकील: अगर फीस समय पर आ गई।
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11.मजबूत Vs कमजोर

वकील: मेरा केस बहुत मजबूत है।
जज: तभी तो आप इतनी मजबूती से हिल रहे हैं।
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10.सच Vs झूठ

वकील 1: मुझे एक भी ऐसा केस नहीं दिखा जहाँ सच और झूठ साफ़ दिखे।

वकील 2: तभी तो आप वकील हैं, जज होते तो परेशानी हो जाती।

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9. संदेह Vs विश्वास

 जज: आप कैसे कह सकते हैं कि ये असंभव चीज संभव है ?
वकील: क्योंकि मैं संदेह में विश्वास नहीं रखता.
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8. गिल्टी Vs इनोसेंट 

जज: आप कैसे कह सकते हैं कि आपका क्लाइंट इनोसेंट है ?
वकील: इसके खिलाफ 25 क्रिमिनल केस में से एक भी साबित नहीं हुए .
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7. बॉडी मसल्स Vs ब्रेन मसल्स 

"1. वकील 1:मैं तो तब रिटायर होऊंगा जब मेरे बॉडी मसल्स काम करना बंद कर देंगे। और आप?

2. वकील 2: जब मेरे ब्रेन मसल्स काम नहीं करेंगे तब।"

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6.जंक फूड Vs जंक केस

वकील 1: “मेरा सबसे बड़ा दुश्मन है जंक फूड! और आपका? 

वकील 2: “जंक केस!”

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5.फाइट Vs कॉम्प्रोमाइज

वकील 1: मैं बॉडी पर इतना मेहनत करता हूँ ताकि लोग फाइट से बचें।

वकील 2: “और मै इतना कि ऑपोजिट पार्टी कॉम्प्रोमाइज कर ले।

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बॉडी Vs केस

वकील 1: सालों लगता है तभी जाकर बॉडी बनती है।

वकील 2: “सेम टू सेम हेयर अलसो!” सालों लगते हैं तभी जाकर केस बनते हैं।

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प्रोटीन Vs प्रोविजंस ऑफ लॉ 

वकील 1: मै डाइट में प्रोटीन लेता हूँ और आप? क्या लेते हैं, मिस्टर बॉडी बिल्डर?”

वकील 2: “प्रोविजंस ऑफ लॉ !”

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सच Vs झूठ

वकील 1: मुझे एक भी ऐसा केस नहीं दिखा जहाँ सच और झूठ साफ़ दिखे।
वकील 2: तभी तो आप वकील हैं, जज होते तो परेशानी हो जाती।
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पुश अप Vs पेंच

कोर्ट के कैंपस में दो वकील चलते हुए बात कर रहे थे।

1.वकील 1: “मिस्टर शर्मा, आप तो वकील होकर भी बॉडी बिल्डर लगते हैं… कितना पुश-अप लगा लेते हैं?”

2.वकील 2:“बस उतना ही जितना आप अपने क्लाइंट के केस में कानूनी पेंच लगा लेते हैं।”

3.वकील 1: “क्या मतलब है आपका ,मेरे कानूनी पेंच लगाने से आपको क्या फर्क पड़ता है?”

4.वकील 2: आप जैसे वकीलों की  तैयारी से मुझपे जोर लगता है उतना हीं मेहनत करता हूं।”

5.वकील 1:“अच्छा! तो आपकी  ताकत का राज़ जिम है?”

6.वकील 2:“नहीं भाई, राज तो रोज़ कोर्ट में रोज दौड़ने का है,रोज भागने का है रोज घंटों बहस करने का है।”

7.वकील 1:“ लेकिन कोर्ट में रोज दौड़ने ,भागने और बहस करने से कोई इतना ताकतवर कैसे बन सकता है?”

8.वकील 2 :“क्योंकि हर दिन 5 घंटे आप जैसे ज्ञानी वकीलों की दलीलों को उठाना पड़ता है… वो भी बिना वार्म-अप के!” 

9.वकील 1:“अच्छा तो आपकी  असली बॉडी बिल्डिंग तो कोर्ट में हो रही है?”

10.वकील 2:“हाँ भाई  यहाँ डंबल नहीं, यहां पर भारी भरकम  दलीलें उठानी पड़ती हैं।” 
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