Thursday, July 17, 2025

आखर

 दो चार आखर पढके बेईमान हो जाला. 

आ छोटहन सा बचवा सयान हो जाला.


लईकन के बचपन में एने ओने भागल.

तोतली आवाज इनके बड़ा नीक लागल.

उहे जवानी में नीम के जुबान हो जाला.

आ छोटहन सा बचवा सयान हो जाला.


बचवा  के   मन    में    रहे  ना एको पाप.

सपनों में गलती से कहे ना झूठो साच.

उहे  बढ़ला   पे झूठ के गतान हो जाला.

आ छोटहन सा बचवा सयान हो जाला.


लईका आउर   लईकी  के बचपन के साथ.

खेतवा में खेले कूदे डाल के हाथों में हाथ.

उहे  जवानी   में   छुवे त बदनाम हो जाला.

आ   छोटहन   सा    बचवा सयान हो जाला.


तुरंते        लड़े     आउर     तुरंते मान जावे.

भागे    लड़ाई     करे     फेनु      लगे    आवे.

उहे बढला पर बड़का अभिमान हो जाला.

आ छोटहन    सा   बचवा सयान हो जाला.


माँई बाबू से प्यार करे , करे परनाम .

अब देखीं दूर से हीं कईसे करे सलाम .

कि घरवा में जईसे मेहमान हो जाला . 

आ छोटहन सा बचवा सयान हो जाला.


जाति     आ     पाति     के बात ना माने.

धरम का   ह    देश का ह बात ना जाने.

बड़का में लोभ द्वेष के दोकान हो जाला.

आ छोटहन    सा    बचवा सयान हो जाला.


लईकन के प्रेम के धागा से लोग बांधल .

कि देवतो भी इनके पवित्रता के कायल .

उहे जवानी में झूठ के खदान हो जाला .

आ छोटहन सा बचवा सयान हो जाला.


दो चार आखर पढके बेईमान हो जाला. 

आ छोटहन सा बचवा सयान हो जाला.

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