Sunday, December 8, 2024

परिवार बनेला बहु के प्यार देला से

 

परिवार बनेला बहु के प्यार देला से,

ससुरार सजेला दुलहिनके दुलार देला से ।

आशावादी के रउआ बतिया समझ लीं,

घर में बहार आए बहु के सत्कार देला से ।

 

काहे दुँ बलमुआँ सखि बड़ा मन भाएला ।

हमरो ससुरवा सखि बड़ा नीक लागेला ।।

 

संसुर हउअन बाबुजी आ सास महतारी ,

छोटकी ननदिया ह जानबो से प्यारी ।

गोदी के बालकवा के बोली मीठ लागेला । हमरो'

 

छोटका देवरा के बतिया निराला,

हँसि हॅसि बात करे मन मुसकाला ।

बालमा के देखि देखि हृदया जुड़ाएला । हमरो

 

हम हुँई सीताजी बलमुआ ह रामजी,

 हमरो जिनिगिया के उहे भगवान जी ।

प्रमवा के नदिया में मनवा नहाएला । हमरो

 

घरवा बहारेनी त भोरे के किरीणिया,

अंगना में छिड़केले सोनवा के पनिया ।

श्रीनाथ "आशावादी" बड़ा मन लागेला । हमरो

 

 

 

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